शिक्षक नेता धरमदास बंजारे ने लगाया फेडरेशन पर गंभीर आरोप जाने पद यात्रा समाप्ति के पीछे का सच ।

विदित हो सहायक शिक्षक फेडरेशन के द्वारा प्रस्तावित 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के दिन सहायक शिक्षक फेडरेशन द्वारा धरना रैली पदयात्रा का आयोजन किया गया था इस रैली में 40 से 50 हजार शिक्षकों के एकत्रीत होने की पूरी उम्मीद थी एक बड़ा पदयात्रा एक सूत्रीय मांग
सहायक शिक्षकों के वेतन


विसंगती सुधार था यह पद यात्रा सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में था सहायक शिक्षक को प्रदेश सरकार लगातार छल रही हैं जिसमें फेडरेशन की मिली भगत की बू आती है प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी स्वयं कहते है सहायक शिक्षकों को कम वेतन मिलता है उनके साथ धोखा हुआ है उनको 12 से 15 हजार रूपए कम वेतन मिलता है और अपने जन घोषणा पत्र में उन्होंने शामिल भी किया है आज सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा और उनके प्रदेश टीम सरकार के पार्ट बी टीम के रूप में काम कर रही है तरक तरह के ढोंग दिखावा कर रही है विधान सभा घेराव एक दिवसीय धरना प्रदर्शन विरोध रैली इसके रूप है आंदोलन के ठीक पहले ये सहायक शिक्षकों के जन भावना के साथ खिलवाड़ करने से बाज नही आते और बिना किसी पूर्व सूचना के ये सरकार के मंत्री और शिक्षा सचिव के साथ बैठक कर आंदोलन को कमजोर कर देते है सुदूर इलाकों के शिक्षक और जागरूक सहायक शिक्षक अभी भी राजधानी रायपुर में आंदोलन के लिए डटे हुए हैं उन्हें सहायक शिक्षक फेडरेशन के उपर भरोसा नहीं है पद यात्रा समाप्त करना सेटिंग है जिसमें गद्दारी मक्कारी धोखे की बदबू आती हैं ऐसा शिक्षक नेता धरमदास बंजारे ने अपने वक्तव्य में कहा ।

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